
यह रात्रि ही मॉ का स्वरूप है जिसकी अधियारी में से प्रकाश के दर्शन सुलभ होते है ा मॉ रात्रि रूप हैं और सभी जीवो को अपनी गोद में लेकर सुलाती है और उन्हे नव चेतना प्रदान करती है ा निशा है ा उसके आते ही सब दीप जल उठते हैा उषा उद्यमशील बनाती है ा मनुष्य ही नही, संसार के सभी थके प्रणियो को नवचेतना निशा देती हैा
जहाज़ किसका, रानी किसकी ?
-
Shared with Your friendsजहाज़ किसका, रानी किसकी ...
सद्गुरु सबद जहाज है, कोई-कोई पावे भेद।
बूंद-समंदर इक भया, किसका करूं निखेद॥
[image: ▪️]विशाल आकार की...
3 हफ़्ते पहले



7:32 am
मनोज कुमार सिह
Posted in: 
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें